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नया धमाका

11/26/2010

वाह मजा आ गया यार क्या ठुकाई की है मीरवायज और बिलाल लोन की भारतीय शेरों ने

यह समाचार पूरें भारत के लोगो की सोई आत्मा को जगाने के लिए शुभ समाचार माना जाना चाहिए कि भारत का अन्न खाकर, भारत के पैसों से अपना नंगा तन ढ़कने वाले, भारत के रहमो करम पर अपना वजूद बनाऐं रखने के बावजूद भारत को ही गाली देने वाले जम्मू-कश्मीर के तथाकथित सेकूलर मुस्लिम नेताओं की हमारे शेरदिल नौजवानों ने चण्डीगढ़ में अच्छी खबर ली। पूरें विश्व भर की निगाह में कश्मीर को विवादित बना देने वाले और भारत का खाकर पाकिस्तान की जी-हजुरी करने वाले मीरवायज और बिलाल लोन कल 25 नवम्बर को जब चण्डीगढ़ पधारे तो उन्हे सपने में भी आशंका नहीं होगी कि जिस देश की केन्द्र व राज्य सरकारों को वे अपनी अंगुलियों पर नचाते रहे है, पूरें भारत की जनभावनाओं को ताक पर रखकर वे मस्जिद में हत्यारों को खाना भिजवाने के लिए बाध्य करते रहे है, जिस देश का सर्वदलीय प्रतिनिधिमण्डल उनके सामने घिघियाता रहा है, सेकूलरवाद और मानवाधिकारों के नाम पर जहां सैंकड़ों-सहस्त्रों तथाकथित बुद्धिजीवी उनकी देशद्रोही बातों का समर्थन करने के लिए बेताब है उस देश में किसी की क्या मजाल कि उन्हे ओए भी कह सके। इसी मुगालते में वे अपने नेक विचार शेष भारत तक पंहुचाने के लिए उत्तर भारत में आये। अपनी कथित संगोष्ठी में जैसे ही मीरवायज ने जम्मू कश्मीर के लिए कहा कि कभी कश्मीर भारत का हिस्सा होता था तो उस समय वहां खड़े नवयुवकों की नसों में लहु का दौरा तेज हो गया व बाजू फड़कने लगे जिसका परिणाम हुआ कि मीरवायज और गनी लोन दोनो की युवकों ने बिना किसी चेतावनी के ठीक प्रकार से मजम्मत कर दी। हालांकि पुलिस ने इस सम्बंध में कुछ युवकों को हिरासत में लिया है।

इस सम्बंध में प्रकाशित दो प्रमुख समाचारों का अवलोकन करें:-
Mirwaiz roughed up by Kashmiri Pandits
CHANDIGARH: Hurriyat Conference leaders Mirwaiz Umar Farooq and Bilal Lone were on Thursday manhandled allegedly by a group of Kashmiri Pandit activists who stormed a seminar being attended by them here. Commotion broke out when the group barged into the seminar hall and dashed towards the dais where the separatist leaders were seated, eyewitnesses said. During the pandemonium, some of the activists manhandled the two separatist leaders, they said, adding police immediately stepped in and cordoned off the dais. The incident took place when the Mirwaiz started addressing a seminar on Kashmir and Indo-Pak relations. The organisers immediately jumped in to save Mirwaiz. There was total chaos inside the hall for close to 30 minutes as the protestors shouted slogans against Mirwaiz, Hurriyat Conference and Pakistan.
The protestors also pelted stones, and hurled flower pots. Chandigarh police rushed in more constables to control the situation at the venue. The police later detained nearly 20 activists, including some women.
"We will not allow any anti-India activity here. We will protest against it," one of the activists said as he was being taken away by the police. Zameel Qazim, general secretary of the International Democratic Party (IDP), which organised the seminar to discuss the Kashmir issue, told IANS: "Mirwaiz just started speaking when the attack took place. They attacked him without provocation." Another IDP leader, SS Sanyal said: "Those who led the attack were not Kashmiris."

दैनिक जागरण (हिन्दी)

(1) चंडीगढ़ में मीरवाइज पर हमला
Nov 26, 01:45 am चंडीगढ़। आल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी गुट के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक पर यहां वीरवार को भाजपा, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कश्मीरी पंडितों ने हमला कर दिया, जिसे पुलिस ने विफल करते हुए करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया। मीरवाइज को खरोंच तक नहीं आने दी गई। इटरनेशलिस्ट डैमोक्रेटिक पार्टी की की पंजाब ईकाई ने यहां किसान भवन में 'भारत एवं पाकिस्तान के संदर्भ में कश्मीर समस्या' में मुख्य अतिथि पहुंचे मीरवाइज ने सुबह करीब 11 बजे जैसे ही अपना संबोधन शुरू किया, श्रोताओं में बैठे एक व्यक्ति ने कश्मीरी पंडितों का मुद्दा उठा दिया। मीरवाइज ने कहा कि वह उसके प्रत्येक सवाल का उत्तार जरूर देंगे। इतने में एक अन्य व्यक्ति ने 'आप भारत के गद्दार हो' कहते हुए हमला कर दिया। इसके बाद करीब डेढ़ दर्जन लोग खड़े होकर पानी की बोतलों, वहां रखे गमलों और जो कुछ भी हाथ में आया, मीरवाइज की तरफ फेंकने लगे। मीरवाइज के निजी सुरक्षा कर्मियों एवं आयोजकों ने उनका तुरंत घेरे में लेते हुए पीछे खींचकर वहीं एक कोने में बैठा दिया। इस दौरान हुड़दंग जारी रहा। आयोजकों एवं पुलिसकर्मियों की करीब 40 मिनट की जद्दोजहद के बाद हुड़दंगियों को सेमीनार हाल के बाहर निकाला गया। इस दौरान उनकी पुलिस व आयोजकों से हाथापाई हुई। सेमीनार में श्रोताओं के रूप में भाजपा महिला विंग की कार्यकर्ताएं भी थीं, जिनके हाथों में मीरवाइज पर फेंकने के लिए काले रंग का पदार्थ था। इसको वे फेंक तो नहीं सकीं, लेकिन शोरगुल मचाने में पीछे नहीं रहीं। जब उनको बाहर निकाल दिया गया तो काफी प्रदर्शनकारियों ने किसान भवन की इमारत में गमलों, पत्थरों से भारी तोड़फोड़ शुरू कर दी। सेमीनार हाल के गेट पर गमले मारे गए। शीशे तोड़ डाले गए। इस दौरान अंदर भय पैदा हो गया। बाहर तैनात पुलिस हुड़दंगियों के सामने बेबस नजर आई। डीएसपी सतबीर के सख्ती से निपटने के निर्देश पर लगभग 30 लोगों को हिरासत में लेकर बसों में बैठा लिया गया। करीब एक घंटे बाद सेमीनार हाल को सील कर सेमिनार शुरू करवा दिया गया, जो लगभग पौने तीन बजे संपन्न हुआ। इस दौरान मीडिया को भी अंदर नहीं घुसने दिया गया। कार्यक्रम के आयोजकों को भी मीरवाइज के पास नहीं फटकने दिया गया। उसके बाद मीरवाइज दिल्ली की फ्लाइट से निकल गए। सेक्टर 36 के थाने में लगभग 20 प्रदर्शनकारियों को देर शाम तक बंद किए रखा, जिनमें पांच महिलाएं शामिल थीं। उनको छुड़वाने के लिए, समाचार लिखने तक, थाने के बाहर भाजपा एवं अन्य हिंदू संगठनों का धरना लगा रहा।
भारतीय अवाम से जारी रहेगा संवाद : मीरवाइज
इस घटना पर प्रतिक्रिया मांगने पर मीरवाइज ने कहा वह ऐसी स्थिति के लिए तैयार थे। कुछ तत्व बातचीत के बजाय ऐसे तरीके से अपनी राजनीति गर्माए हुए हैं। इन लोगों का उतना कसूर नहीं है, क्यों कि ये भी उन्हीं लोगों में शामिल हैं, जिनको कश्मीर का मसला पाकिस्तानी ऐनक से दिखाया जाता है। ऐसी तमाम चुनौतियों के बावजूद भारतीय अवाम के साथ संवाद का यह सिलसिला जारी रहेगा।

(2)मीरवाइज मसले पर श्रीनगर में तनाव, क‌र्फ्यू लगाया
श्रीनगर। मीरवाइज उमर फारूक पर चंडीगढ़ में एक संगोष्ठी के दौरान किए गए हमले के एक दिन बाद शुक्रवार को सम्भावित विरोध प्रदर्शन व हिंसा को रोकने के लिए श्रीनगर के पुराने शहरी इलाकों में क‌र्फ्यू लगा दिया गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
श्रीनगर शहर के नौहट्टा, एम.आर.गंज, रैनावाड़ी, खानयार और सफा कादाल जैसे पांच पुलिस थाना क्षेत्रों में क‌र्फ्यू लगा दिया गया है। कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अलीशाह गिलानी को नजरबंद कर दिया गया है। गिलानी ने जुमे की नमाज के बाद जुलूस निकालने का आह्वान किया था।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हिंसा रोकने के लिए श्रीनगर के पांच थाना क्षेत्रों में शुक्रवार को क‌र्फ्यू लागू रहेगा, जबकि अन्य इलाकों में धारा 144 लागू कर दिया गया है। गौरतलब है कि गुरुवार को चंडीगढ़ में कुछ कश्मीरी पंडितों और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक पर हमला किया। इस हमले की खबर पहुंचने के साथ ही पुराने शहर के कुछ इलाकों में लोग सड़कों पर उतर आए। श्रीनगर का पुराना शहरी इलाका मीरवाइज परिवार का गढ़ माना जाता है। इस बीच गिलानी ने जुमे की नमाज के बाद पुराने शहर के ईदगाह इलाके में शहीदों की कब्रगाह पर प्रतिरोध दीवार खड़ी करने के लिए जुलूस निकालने का आह्वान किया है। गिलानी ने यहां एक बयान में कहा कि पुराने शहर के ईदगाह इलाके में स्थित शहीदों की कब्रगाह पर एक प्रतिरोध दीवार खड़ी करने के लिए हर व्यक्ति जुमे की नमाज के बाद अपने हाथों में एक ईट लेकर आए।
(3) मीरवाइज के खिलाफ दर्ज होगा देशद्रोह का मामला!
चंडीगढ़। कश्मीरी पंडितों के हल्ला बोल का शिकार हुए हुर्रियत कांफ्रेस के नेता मीरवाइज उमर फारूक पर चंडीगढ़ पुलिस अब देशद्रोह का मामला दर्ज करने की तैयारी में है।
एसएसपी नौनिहाल सिंह ने यूटी प्रशासन के गृह सचिव रामनिवास को भेजे पत्र में उमर के खिलाफ केस दर्ज करने की अनुमति मांगी है। हुर्रियत नेता पर आरोप है कि गुरुवार को किसान भवन में आयोजित सेमिनार में उन्होंने कश्मीर मुद्दे को लेकर राष्ट्रविरोधी भाषण दिया है। जिसके चलते माहौल अशांत हो गया है। पत्र में कहा गया है कि मीरवाइज का भाषण देश की एकता और अखंडता के खिलाफ है। एसएसपी ने उमर के भाषण की वीडियो क्लिप्स भी गृह सचिव को भेजा है।

आशा है कि सभी पाठकों की समझ में सारा खेल आ गया होगा कि अगर मीरवायज सही थे तो उनके विरूद्ध देशद्रोह का केस क्यों? अगर वे गलत थे तो युवकों को हिरासत क्यों?
अगर भारत के नवयुवक चण्डीगढ़ के इन युवकों को प्रेरणास्त्रोत मानकर ऐसे असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सीधी कार्यवाही अमल में लाये तो आने वाले समय में कोई भी सिरफिरा भारत के विरूद्ध कोई बिना सिर पैर की बात नहीं करेगा।

3 टिप्‍पणियां:

  1. जूते खाकर भी सुधर जाये तो भी गनीमत है नहीं तो......

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  2. वाकई खुशी की बात है… काश अरुंधती को भी एकाध जूता पड़ जाता…

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  3. कुछ चाटुकार हिन्दू संघठनो को बुरा-भला कहते नहीं थकते, मगर ये निकम्मे यह नहीं सोचते की वे कम से कम अपने घरों से निकलकर इतनी तो हिम्मत दिखाते है देश के दुश्मनों के सामने !

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